Burai Shayari In Hindi | बुराई पर शायरी

Burai Shayari In Hindi | बुराई पर शायरी

 

औरों की बुराई को न देखूँ वो नज़र दे
हाँ अपनी बुराई को परखने का हुनर दे – खलील तनवीर

 

Auron Ki Burai Ko N Dekhu Wo Nazar De
Ha Apni Burai Ko Parakhane Ka Hunar De – Khaleel Tanveer

 

बुराई भलाई की सूरत हुई
मोहब्बत में सब कुछ रवा हो गया – पंडित जवाहर नाथ साक़ी

 

Burai-Bhalayi Ki Soorat Hui
Mohabbat Me Sab Kuch Rawa Ho Gaya – Pandit Jawahar Nath Saaki

 

न लगती आँख तो सोने में क्या बुराई थी
ख़बर कुछ आप की होती तो बे-ख़बर होता – क़लक़ मेरठी

 

N Lagati Aankh Toh Sone Me Kya Burai Thi
Khabar Kuch Aap Ki Hoti Toh Be-Khabar Hota – Kalak Merathi

 

जब बुराई को उस ने बोया है
कैसे काटे वो नेकियाँ साहिब – क़मर गवालियरी

 

Jab Burai Ko Us Ne Boya Hai
Kaise Kaate Wo Nekiyaa Sahab – Qamar Gwaliyari

 

याद उसे इंतिहाई करते हैं
सो हम उस की बुराई करते हैं – जौन एलिया

 

Yaad Use Intehaai Karte Hai
So Hum Uski Burai Karte Hai – Jaun Elia

 

ज़रा सा जोश क्या दरिया में आया
समुंदर की बुराई कर रहा है – नईम अख़्तर ख़ादिमी

 

Zara Sa Josh Kya Dariya Me Aaya
Samundar Ki Burai Kar Raha Hai – Naeem Akhtar Khadimi

 

बे-सबब हम से जुदाई न करो
मुझ से आशिक़ से बुराई न करो – फ़ाएज़ देहलवी

 

Be-Shabab Hamse Judai Na Karo
Mujh Se Aashiq Se Burai N Karo – Faiez Dehalavi

 

चाहता हूँ इस क़दर तुझ को कि अब
हर बुराई तेरी अच्छाई लगे – संतोष खिरवड़कर

 

Chahata Hu Is Qadar Tujh Ko Ki Ab
Har Burai Teri Achchai Lage – Santosh Khirwadkar

 

मुझ को तूफ़ाँ में डूबना ही था
कश्तियाँ क्यूँ बुराई लेने लगीं – धीरेंद्र सिंह फ़य्याज़

 

Mujhko Tufaan Me Behana HiTha
Kashitiayaan Kyu Burai Lene Lagi – Dhirendra Singh Fayyaz

 

Burai Shayari In Hindi | बुराई पर शायरी

 

वापसी में इक बुराई ये भी है
सब मिरी नाकामियाँ गिनवाएँगे – नितेश कुशवाहा

 

Wapasi Me Ik Burai Ye Bhi Hai
Sab Meri Nakamiyan Ginwayenge – Nitesh Kushwaha

 

कोई नहीं सुनेगा बुराई शराब की
हर शख़्स इस दयार में आदी नशे का है – अक़ील नोमानी

 

Koi Nahi Sunega Burai Sharaab Ki
Har Shaksh Is Dayar Me Nashe La Aadi Hai – Akeel Nomani

 

ये मोहब्बत नहीं कुछ और है सूरत ‘शाहीं’
तुम मज़ा ले के जो सुनते हो बुराई उस की – जावेद शाहीन

 

Ye Mohabbat Nahi Kuch Aur Hai Soorat “Shahi”
Tum Maza Leke Jo Sunte Ho Burai Uski – Javed Shaheen

 

सरासर भूल करते हैं उन्हें जो प्यार करते हैं
बुराई कर रहे हैं और अस्वीकार करते हैं – जयशंकर प्रसाद

 

Sarasar Bhool Karte Hai Unhe Jo Pyaar Karte Hai
Burai Kar Rahe Hai Aur Aswikaar Karte Hai – Jayshankar Prashad

 

लोग अच्छे हैं बहुत दिल में उतर जाते हैं
इक बुराई है तो बस ये है कि मर जाते हैं – रईस फ़रोग़

 

Log Achche Hai Bahut Dil Me Utar Jaate Hai
Ik Burai Hai Toh Bas Ye Hai Ki Mar Jaate Hai – Raees Farog

 

यही बुराई है बुझते हुए चराग़ों में
ये ख़ुश्क पत्तों की सूरत हवा से डरते हैं – अज़लान शाह

 

Yahi Burai Hai Bujhate Hue Charagon Me
Ye Khushk Patton Ki Soorat Hawa Se Darate Hai – Ajlaan Shah

 

ग़ज़ल में दश्त की ख़ाली बड़ाई होती है
समुंदरों की अभी तक बुराई होती है – शिव ओम मिश्रा अनवर

 

Ghazal Me Dasht Ki Khaali Badai Hoti Hai
Samundaron Ki Abhi Tak Burai Hoti Hai – Shiv Om Mishra Anwar

 

बुराई का एवज़ हरगिज़ भलाई हो नहीं सकती
बुरा कह कर किसी को कोई अच्छा हो नहीं सकते – हफ़ीज़ जौनपुरी

 

Burai Ka Avaj Hargiz Bhalayi Ho Nahi Sakti
Bura Keh Kar Kisi Ko Koi Achcha Ho Nahi Sakte – Hafeez Jaunouri

 

बुराई इस क़दर दुनिया में बढ़ती जाए है ‘यासीन’
जिधर देखो उधर मयख़ाने ही मयख़ाने लगते है – यासीन बरारी

 

Burai Is Qadar Duniya Me Badhti Jaaye ‘Yaseen’
Jidhar Dekho Udhar Maikhane Hi Maikhane Lagte Hai – Yaseen Barari

 

रंजिशें सब छोड़ दीं सब से लड़ाई छोड़ दी
ऐब था सच बोलना मैं ने बुराई छोड़ दी – नाशिर नक़वी

 

Ranjishe Sab Chor Di Sab Se Laraayi Chor Di
Aib Tha Sach Bolana Maine Burai Chor Di – Nashir Naqavi

 


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